भगत सिंह का: गुरुमुखी में लिखा पहला पत्र : चाची के नाम
13 अप्रैल, 1919 को जलियाँवाला बाग़ में अंग्रेज़ों ने बर्बर कत्लेआम किया। 12 वर्षीय भगतसिंह दूसरे दिन वहाँ गये और रक्त-सनी मिट्टी लेकर घर लौटे, तो कई सवाल उनके मन में थे। अपनी छोटी बहिन बीबी अमरकौर से उन्होंने अपने मन की बातें कीं। 21 फरवरी, 1921 को महन्त नारायणदास ने ननकाना साहिब में 140 […]
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