शहीद भगतसिंह का दादा जी के नाम एक और पत्र

लाहौर, 27 जुलाई, 1919

श्रीमान पूज्य दादा जी,
नमस्ते!

अर्ज़ है कि ख़ैरियत है और आपकी ख़ैरियत श्रीनारायण जी से नेक मनाया करता हूँ। अहवाल यह है कि हमारा छमाही इम्तिहान हो गया, जो जुलाई से शुरू हुआ था। हिसाब के पर्चे में बहुत लड़के फेल हो गये थे, इसलिए हमारा हिसाब का इम्तिहान नौ अगस्त को दोबारा होगा। और सब तरह से ख़ैरियत है। आपने कब आना है? भाई जी को यह बता दीजिए कि मैं छमाही इम्तिहान में सारे मज़मूनों में पास हो गया हूँ। माताजी, चाचाजी को नमस्ते। कुलतार सिंह को 24 जुलाई की रात और 25 जुलाई की शाम को बुख़ार था। अभी उसे आराम है, किसी किस्म की फ़िक्र न करें।

आपका ताबेदार…
भगतसिंह